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मिसाइल उपकरणों की खरीद पर सवाल, प्रतिस्पर्धा के बिना जारी हुआ टेंडर
हैदराबाद। रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनी भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) की मिसाइल उपकरण खरीद प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी ने 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति के लिए ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड को एकल निविदा जारी की है। इस कंपनी की स्थापना बीडीएल के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक सिद्धार्थ मिश्रा ने सेवानिवृत्ति के बाद अपनी पत्नी शांभवी मिश्रा के साथ मिलकर की थी। वर्तमान में शांभवी मिश्रा के पास कंपनी की 95 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
तत्काल जरूरत बताकर जारी किया सिंगल टेंडर
जानकारी के अनुसार, मई 2026 में भारत डायनामिक्स ने 300 ऑप्टिकल साइट्स खरीदने के लिए केवल ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी से बोली मांगी। इसके पीछे तत्काल आवश्यकता का हवाला दिया गया। सिंगल टेंडर प्रक्रिया में अन्य कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा नहीं होती। विशेष परिस्थितियों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में प्रतिस्पर्धी निविदा नहीं अपनाने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं।
56.8 करोड़ की बोली, वित्तीय मूल्यांकन जारी
सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ऐंद्रि डिफेंस एडवाइजरी तकनीकी मूल्यांकन का चरण पार कर चुकी है। कंपनी ने 56.8 करोड़ रुपये की वित्तीय बोली लगाई है। फिलहाल इस बोली का वित्तीय मूल्यांकन जारी है। इसलिए कंपनी को अंतिम ठेका मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। निविदा की शर्तों के अनुसार, कंपनी को सात महीने में 300 ऑप्टिकल साइट्स की आपूर्ति करनी होगी। इसके अलावा उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत के लिए 15 वर्षों तक तकनीकी सहायता भी देनी होगी।
मिसाइलों के लिए क्यों जरूरी हैं ऑप्टिकल साइट्स?
ऑप्टिकल साइट्स टैंक रोधी गाइडेड मिसाइलों में लक्ष्य की पहचान और निशाना साधने के लिए इस्तेमाल की जाती हैं। ये उपकरण इंफ्रारेड संकेतों को इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल में बदलकर लक्ष्य की स्थिति निर्धारित करने में मदद करते हैं।
रक्षा खरीद की पारदर्शिता पर सवाल
पूर्व शीर्ष अधिकारी के परिवार से जुड़ी कंपनी को एकल निविदा जारी किए जाने से संभावित हितों के टकराव पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इससे अपने आप किसी नियम के उल्लंघन की पुष्टि नहीं होती। अब वित्तीय मूल्यांकन और अंतिम खरीद निर्णय पर नजर बनी हुई है।
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